सरोवर नगरी नैनीताल समेत पूरे उत्तराखंड में बीते दो दिनों से मूसलाधार बारिश का कहर जारी है। भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और पहाड़ों से लगातार बोल्डर व मलवा गिरने से कई सड़क मार्ग पूरी तरह ध्वस्त हो गए।
नैनीताल शहर और आसपास के क्षेत्रों में आल्माकोटेज-बिड़ला मार्ग और स्नोव्यू को जाने वाला रास्ता धंसने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। इस मार्ग पर रह रहे निवासियों के लिए भी खतरा उत्पन्न हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी यह सड़क धंसी थी और विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ का नारा दिया गया था। उस समय प्रशासन ने तत्काल सड़क की मरम्मत कर दी थी, लेकिन अब एक बार फिर वही स्थिति पैदा हो गई है। इस मार्ग से न केवल स्थानीय लोग बल्कि स्कूल के बच्चे और पर्यटक भी आवाजाही करते थे, साथ ही जरूरत का सामान भी इसी रास्ते से आता-जाता था। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से तत्काल सड़क को दुरुस्त करने की मांग की है।
इधर, जिला प्रशासन ने मौसम विभाग द्वारा जारी रेड अलर्ट को देखते हुए एक दिवसीय अवकाश की घोषणा कर दी है। नैनीताल सहित पूरे जिले के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखा गया। हालांकि, कई बच्चों और अभिभावकों को समय पर सूचना न मिलने से असुविधा का सामना करना पड़ा। अभिभावकों ने रोष जताते हुए कहा कि यदि सूचना समय पर मिलती तो उन्हें इस फजीहत का सामना नहीं करना पड़ता।
