हिंदी साहित्य के युगप्रवर्तक कवि चन्द्र कुँवर बर्त्वाल की पुण्यतिथि पर मसूरी में एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन चन्द्र कुँवर बर्त्वाल शोध संस्थान और मसूरी हिल्स के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। नगर के गणमान्य नागरिकों, साहित्यप्रेमियों और युवाओं ने इसमें बढ़-चढ़ कर भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत मॉल रोड स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने से हुई। कवि की रचनाओं का पाठ किया गया और उनके जीवन तथा साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डाला गया।
मुख्य अतिथि, नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि बर्त्वाल जी केवल कवि नहीं थे, बल्कि पहाड़ की आत्मा की आवाज़ थे। उनकी कविताओं में प्रकृति, लोकजीवन और संवेदनशीलता का अद्वितीय मेल देखने को मिलता है। इस तरह के कार्यक्रम नई पीढ़ी को साहित्यिक विरासत से जोड़ने का माध्यम बनते हैं।
