मसूरी: भारतीय मजदूर संघ की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में बड़े फैसले, 25 नवम्बर को जिलों से मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा ज्ञापन

by | Sep 8, 2025 | Politics, Protest | 0 comments

मसूरी में भारतीय मजदूर संघ की त्रैमासिक कार्यसमिति एवं प्रदेश कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक संपन्न हुई। बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, ठेली-पटरी व्यापारियों, होटल वर्कर्स, रिक्शा चालकों, भवन निर्माण श्रमिकों, संविदा कर्मचारियों और गिग वर्कर्स की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 25 नवम्बर 2025 को प्रदेश के सभी जिलों में जिलाधिकारी या उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा। संघ ने मांग की कि संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन, ईएसआई और पीएफ की सुविधा दी जाए। ठेली-पटरी व्यापारियों के लिए स्थायी व्यवस्था बने, होटल वर्कर्स को श्रम कानूनों के तहत सुरक्षा मिले और गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा का अधिकार दिया जाए।

प्रदेश अध्यक्ष उमेश जोशी, महामंत्री सुमित सिंघल और क्षेत्रीय संगठन मंत्री अनुपम ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए चार श्रम संहिताओं का लाभ अब तक जमीनी स्तर पर मजदूरों तक नहीं पहुंचा है। संघ का कहना है कि इन कानूनों में सुधार की आवश्यकता है ताकि अनौपचारिक क्षेत्र के करोड़ों श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा और न्यूनतम मजदूरी का अधिकार मिल सके।

संघ ने साफ किया कि यह केवल ज्ञापन देने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि मजदूरों के अधिकारों के लिए एक संगठित आंदोलन की शुरुआत है। बैठक में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और नेपाल से आए वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे।