दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आयुष्मान योजना के अंतर्गत भर्ती मरीजों के लिए सीटी स्कैन और एमआरआई जांच पिछले कई दिनों से ठप पड़ी है। रोजाना औसतन 60 मरीज इस योजना में भर्ती होते हैं, जिनमें से लगभग 15 मरीजों को इन जांचों की आवश्यकता होती है।
लेकिन पैकेज कोड की जटिलता और तकनीकी दिक्कतों के कारण ये जांचें संभव नहीं हो पा रही हैं। डॉक्टर मरीजों को सीटी स्कैन और एमआरआई कराने की सलाह देते हैं, लेकिन जब तीमारदार आयुष्मान काउंटर पर पहुंचते हैं, तो उन्हें बताया जाता है कि यह जांच योजना के तहत उपलब्ध नहीं है।
नतीजतन मरीजों को मजबूरी में निजी खर्च से जांच करानी पड़ रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है।
